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Thursday, 20 June 2013

क्या २०१४ में मोदी बनाम राहुल होगा???

देश की सभी राजनैतिक पार्टिया २०१४ की लोक सभा चुनाव की तयारी में लगी है.देश का सबसे बड़ा विपक्षीय दल भाजपा हिंदुत्व के आधार पर लोकसभा का चुनाव जितने की मन चाही कोशिशे कर रही है.भाजपा ने २०१४ के चुनाव में PM के उम्मीदवार के तोर पर नरेन्द्र मोदी को आगे कर रही है.इधर कोंग्रेस भी मोदी के सामने राहुल बाबा को आगे कर रही है.लेकिन दोनों पार्टिया खुलकर अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर रहें है.क्या २०१४ का चुनाव मोदी बनाम राहुल होगा???

देश की राजनीति को देखते हुए ये मुकाबला मोदी बनाम राहुल नहीं होंगा.क्यू की कश्मीर से लेके कन्याकुमारी तक अनेक राजनैतिक दल है.जो लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका में है.कोंग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ "एंटी इन्कम्बंसी" है.कोंग्रेस के सामने महंगाई, भ्रष्टाचार और प्रशाशनिक चुनोतिया है.तो भाजपा के सामने मोदी को लेकर पार्टी का आतंरिक विरोध और दो खेमे में बँटी भाजपा को एक करने की चुनोती है.ऐसे में भाजपा मोदी को आगे करना नहीं चाहती और कोंग्रेस राहुल को  आगे नहीं कर रही है.क्यू की अगर मोदी को आगे करके भाजपा चुनाव हर जाती तो मोदी का पोलिटिकल करियर ख़तम हो जायेगा.और कोंग्रेस राहुल को आगे कर के चुनाव हारेगी तो राजकुवर का करियर ख़तम हो जायेगा.यानि की दोनों पार्टिया अपने अपने वजीर को बचा कर रखना चाहती है और वजीर के दम पर चुनाव भी जितना चाहती है.

सबको मालूम है की अगर भाजपा २७२ का जादुई आंकड़ा हांसिल कर लेगी तो PM का उम्मीदवार मोदी ही होगा.और भाजपा मोदी के नाम को लेकर अब पीछे हटना नहीं छाहती.दूसरी और मनमोहनसिंह ने इशारा कर दिया है की राहुल गाँधी PM की जिमेदारी ले शकते है.ऐसे में आतंरिक तोर पर २०१४ की लड़ाई मोदी बनाम राहुल है.लेकिन दोनों पार्टिया चुनाव के चित्र सामने नहीं आएगा तब तक अपना उम्मीदवार खुलकर सामने नहीं रखेंगे.जब NDA का गठन हुवा था तब NDA में २४ घटक दल थे.आज NDA में २४ में से २ घटक दल बचे है.ऐसे में भाजपा के लिए २७२ का जादुई आंकड़ा हांसिल करने में बहुत मुश्किलें है.कोंग्रेस भी घटक दल की खोज में है.देश के सबसे बड़े घटक दल BSP, JDU, SP, RJD, TMC, BJD चुनाव के पहले UPA या NDA में नहीं जुड़ेंगे.ये सब दल चुनाव के बाद किस तरफ जाना है वो तय करेंगे.चुनाव के बाद जिसके पास ज्यादा सीटे होंगी उसके साथ ये दल जायेंगे.

अब हम २०१४ में भाजपा, कोंग्रेस और स्थानिक दलों को स्टेट वाइज कितनी सीटे मिल शकेंगी उसका विश्लेषण करेंगे.उसके लिए आप मेरा ब्लॉग को देखते रहें.